जयपुर (हमारा वतन) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच और सुशासन के संकल्प का असर अब प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में धरातल पर दिखने लगा है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘ग्राम उत्थान शिविर’ ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का सबसे सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं। शिविर के प्रथम चरण के तीन दिनों में प्रदेशभर में 941 शिविर आयोजित कर सरकार के 13 प्रमुख विभागों की विभिन्न योजनाओं, गतिविधियों और कार्यक्रमों से आमजन, ग्रामीण एवं कृषकों को जोड़ने की पहल की गई है। शिविरों में विभिन्न योजनाओं में मौके पर ही आवेदन पत्र तैयार करवाए गए तथा पहले दिए आवदेन पत्रों पर लाभ प्रदान किया गया।
एक ही छत के नीचे समाधान :-
मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देशानुसार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पंहुचाने के लिए प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 23 जनवरी से प्रारंभ हुए ग्राम उत्थान शिविरों के प्रथम चरण का आयोजन 24, 25 व 31 जनवरी को किया जा रहा है।
किसान और पशुपालक को मिल रहा सम्बल :-
शिविरों में अन्नदाताओं की आर्थिक उन्नति को प्राथमिकता दी गई है। इसी दिशा में कृषि विभाग द्वारा 2 लाख 26 हजार किसानों को फसल बीमा और 2 लाख 33 हजार ग्रामीणों को एमएसपी से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही एक लाख 80 हजार से अधिक मिनी किट और 83 हजार से अधिक बीज वितरण का सत्यापन किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा भी करीब 2 लाख 60 हजार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा व कृमिनाशक औषधि पिलाई गई और ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत 47 हजार से अधिक पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए गए। साथ ही क्लासिकल स्वाइन फीवर के करीब 20 हजार प्रतिरोधक टीके लगाए गए। 2 हजार 800 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया, 13 हजार से अधिक फर्टिलिटी किट का वितरण किया गया।
कृषि विभाग द्वारा 50 हजार से ज्यादा सॉयल हेल्थ कार्ड किसानों को सौंपे गए। उद्यानिकी विभाग ने 3 हजार 198 सोलर पंप के तथा एक हजार 426 पॉली हाउस से वंचित ग्राम पंचायतों के लिए एक-एक आवेदन तैयार करवाए। पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ़ माइक्रो फ़ूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज योजना में 3 हजार से अधिक आवेदन पत्र तैयार किये गए। कृषि व गैर कृषि 5% ब्याज अनुदान योजना के एक हजार 600 व कस्टम हायरिंग सेंटर के 752 आवेदन तैयार करवाए गए। मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के तहत प्राप्त आवेदनों में से 2 हजार से अधिक का निस्तारण किया गया। इनमें से अधिकतर को लाभ दिया गया तथा किसी के आवेदन पत्र या प्रक्रिया में कोई कमी पाई गई तो मौके पर ही दुरूस्त करवाया गया।
सहकारिता के साथ ही वित्तीय और डिजिटल अधिकार :-
25 जनवरी तक सहकारिता विभाग ने एक लाख 28 हजार किसानों को सहकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी और 15 हजार से अधिक नए किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त किए । सहकारी संस्थाओं की सदस्यता के 25 हजार से अधिक आवेदन स्वीकृत किये गए। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी बैंकों में 4 हजार से अधिक खाते खुलवाए गए। 195 प्रोविजनल डेयरी को-आॅपरेटिव सोसाइटी का पंजीयन, 209 डेयरी को-आॅपरेटिव सोसाइटी का पंजीयन किया गया, 237 सरस बूथ आवंटन किए गए।
पीएम सूर्यघर से अपने घर के साथ ही राज्य को रोशन करने का मिल रहा अवसर :-
ऊर्जा विभाग ने 19 हजार पात्रों के आवेदन ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ में भरवाए हैं। अपने घर को रोशन करने के साथ ही बची हुई बिजली को किसान बेच कर पैसा कमा सकते हैं। इसके अतिरिक्त वीबी-जी राम- जी की जानकारी 4 लाख 91 हजार से अधिक लोगों को दी गई। इस अवधि में पंचायती राज विभाग द्वारा 32 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए।
अभियान को मिल रही भारी सफलता :-
शिविरों में बस स्टैंड पर 2 हजार 500 विश्राम स्थल निर्माण के प्रस्ताव तैयार किये गए,दीनदयाल उपाध्याय योजना में 19 हजार से अधिक सर्वे पूर्ण हुए, 572 अनुपयोगी विद्यालय भवन में नई स्वीकृत ग्राम पंचायत भवन का कार्यालय प्रारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त 1972 वाटर यूजर एसोसिएशन को सक्रिय किया, 1594 नहरों एवं खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं का चिन्हीकरण हुआ, युवा स्वरोजगार योजना में 1899 आवेदन तैयार करवाए, 1977 फॉर्म रजिस्ट्री का पंजीकरण कर 247 भूखसरों के विभाजन हेतु आवेदन प्राप्त किए।
जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित :-
ग्राम उत्थान की सफलता का मूल बिन्दु स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समस्याओं का स्थानीय समाधान तलाशना है। इसके लिए जनभागीदारी और परम्परागत ज्ञान को केन्द्र में रखा गया है। शिविरों में 6 लाख 59 हजार ग्रामीण, जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें से 8667 जनप्रतिनिधि हैं। गांव की आधी आबादी के पास पूरी समस्याओं के समाधान हैं, इसी सोच के साथ महिला शक्ति को शिविरों में पूर्ण भागीदारी दी गई। 1 लाख 89 हजार महिलाओं ने शिविरों में उपस्थित होकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली, आवेदन पत्र तैयार करवाए और अब ये अपने आसपास रहने वाली महिलाओं तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के मिशन में लगी हैं।
ग्राम उत्थान शिविरों के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा आवेदनों की प्राप्ति एवं जांच, लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी, पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, दस्तावेज़ सत्यापन, योजनाओं से संबंधित ऑन-स्पॉट मार्गदर्शन, प्रमाण पत्र जारी करना, स्वास्थ्य व पशुपालन सेवाएं प्रदान करना, बीज-उर्वरक एवं कृषि आदानों का सत्यापन, सहकारी ऋण एवं बीमा से संबंधित प्रक्रियाएं तथा विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान एवं आवश्यक प्रकरणों को समयबद्ध निस्तारण भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देशानुसार शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण नागरिकों तक पहुँचाया जा रहा है। इसी प्रकार द्वितीय चरण में आगामी 1 फरवरी एवं 5 से 9 फरवरी तक भी प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर इन शिविरों का आयोजन होगा। प्रदेशभर में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक यह शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट : राम गोपाल सैनी
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